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पढ़ने लिखने में रुचि रखती हूँ । कई समसामयिक मुद्दे मन को उद्वेलित करते हैं । "परिसंवाद" मेरे इन्हीं विचारों और दृष्टिकोण की अभिव्यक्ति है जो देश-परिवेश और समाज-दुनिया में हो रही घटनाओं और परिस्थितियों से उपजते हैं । अर्थशास्त्र और पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नात्तकोत्तर | हिंदी समाचार पत्रों में प्रकाशित समाजिक विज्ञापनों से जुड़े विषय पर शोधकार्य। प्रिंट-इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ( समाचार वाचक, एंकर) के साथ ही अध्यापन के क्षेत्र से भी जुड़ाव रहा | प्रतिष्ठित समाचार पत्रों के परिशिष्टों एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में लेख एवं कविताएं प्रकाशित | संप्रति समाचार पत्रों और पत्रिकाओं के लिए स्वतंत्र लेखन । प्रकाशित काव्य संग्रह " देहरी के अक्षांश पर "

02 June 2012

तुम्हारे आ जाने से...चैतन्य

चैतन्य


चैतन्य
तुम्हारा आना
जीवन में नई चेतना
ले आया है
उग आये हैं कुछ
नए विचार
मेरे ह्रदय के आँगन में
और 
मैं गर्वित हूँ
कि संवेदनशीलता से
फूटती ये वैचारिक कोंपलें
अपनी जड़ें जमा रही हैं 

        मनुष्यता की सीढियाँ 
 चढ़ते हुए
प्रकृति के समीप
ले आया है मुझे 
तुम्हारा  साथ
लौट आयीं हैं मेरे
जीवन में तितलियाँ
और भवरों की गुंजन
फिर चला आया है
इन्द्रधनुष देखने का हठ
 दृढ़ता पा गया है
अपनी हर बात साधिकार
कहने का आत्मविश्वास 
 फिर समेट लिए हैं मैंने
माटी के रंग
अपने आँचल में
 जो स्नेह और ममत्व के
अनगिनत प्रतिमान
गढ़ते हुए
मुझे सही अर्थों में
मानवी बना रहे हैं

तुम्हारे आ जाने से
  माँ हो जाने से
चैतन्य
मुझे संसार के
हर बच्चे से
प्रेम हो गया है

87 comments:

  1. लौट आयीं हैं मेरे
    जीवन में तितलियाँ
    और भवरों की गुंजन
    फिर चला आया है
    इन्द्रधनुष देखने का हठ
    वाह!
    बहुत सुन्दर!

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  2. वाकई मातृत्व और वात्सल्य का सुख तो धरा पर स्वर्ग-सी अनुभूति है.. चैतन्य को मेरी तरफ से भी आशीष एवं शुभकामनाएं :)

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  3. अंतर्राष्ट्रीय बालदिवस के उपलक्ष्य मे 'चैतन्य' पर लिखी प्रेरणादाई कविता अच्छी है। चैतन्य को शुभकामनायें एवं आशीर्वाद।

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  4. अद्भुत अभिव्यक्ति, बालपन का चैतन्य प्रतीक..

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  5. तुम्हारे आ जाने से
    माँ हो जाने से
    चैतन्य
    मुझे संसार के
    हर बच्चे से
    प्रेम हो गया है - सहज स्वाभाविक एहसास

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  6. माँ होने की पुलक को मूर्त करती रचना .कृपया यहाँ भी पधारें -
    ram ram bhai
    शनिवार, 2 जून 2012
    साधन भी प्रस्तुत कर रहा है बाज़ार जीरो साइज़ हो जाने के .
    गत साठ सालों में छ: इंच बढ़ गया है महिलाओं का कटि प्रदेश (waistline),कमर का घेरा
    http://veerubhai1947.blogspot.in/

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  7. वात्सल्य रस जीवन को मायने देता है . चैतन्य को शुभाशीष .

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  8. लौट आयीं हैं मेरे
    जीवन में तितलियाँ
    और भवरों की गुंजन
    फिर चला आया है
    इन्द्रधनुष देखने का हठ
    अनुपम भाव संयोजित किये हैं आपने ...

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  9. बेहद उम्दा भाव ... प्रणाम !

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  10. सहज सुखद अहसास, भावपूर्ण चिंतन

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  11. दिल को छुते भाव ..........चैतन्य को आशीष ......बहुत आगे बढ़े........

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  12. ममत्व का अद्भुत अहसास...बहुत सुन्दर... चैतन्य को मेरी शुभकामनायें एवं आशीर्वाद......

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  13. अपने आँचल में
    जो स्नेह और ममत्व के
    अनगिनत प्रतिमान
    गढ़ते हुए
    मुझे सही अर्थों में
    मानवी बना रहे हैं

    यही माँ का ममत्व है

    RECENT POST .... काव्यान्जलि ...: अकेलापन,,,,,

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  14. ममत्व का अद्भुत अहसास...बहुत सुन्दर... चैतन्य को मेरी शुभकामनायें एवं आशीर्वाद......

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  15. वाह...बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!

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  16. बहुत सुंदर प्रस्तुति !

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  17. तुम्हारा आना
    जीवन में नई चेतना
    ले आया है
    उग आये हैं कुछ
    नए विचार
    मेरे ह्रदय के आँगन में
    और
    मैं गर्वित हूँ!!

    माँ के लिए इससे बेहतर कुछ भी नहीं....!!

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  18. ख़ूब,
    बच्चे हमको और परिपक्व करते जाते हैं, माता-पिता को, होना सीखा देते हैं.

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  19. कल 03/06/2012 को आपकी यह पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  20. चैतन्य के बहाने बचपन को फिर से जी लो,
    चंदा मामा से मिलकर ,एक खिलौना ले लो !!

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  21. सचमुच मातृत्व पूर्णता का अहसास है.... चैतन्य को ढेर सारा स्नेह और आशीष...

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  22. बहूत हि सुंदर लिखा है
    बहूत हि सुंदर ममता के रंग में रंगी बेहतरीन रचना...
    :-)

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  23. सुंदर बहुत सुंदर वाह

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  24. बहुत खूबसूरत एहसास ....मातृत्व के रंग में रंगी सुन्दर रचना

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  25. सच कहा ..माँ बनाना अपने आप में गौरव् हैं ..एक नए जीवन का उदय ...नई परिभाषा का आगमन ...

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  26. तुम्हारे आ जाने से
    माँ हो जाने से
    चैतन्य
    मुझे संसार के
    हर बच्चे से
    प्रेम हो गया है

    कितनी सुन्दर बात कही है...
    चैतन्य को ढेरों आशीर्वाद

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  27. Kitni komal bhavnayen hain is rachana me!

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  28. माँ हो जाना नारी की सम्पूर्णता है कायनात का मार्च पास्ट है . यकीन है यह सृष्टि यूं ही चलती रहेगी ,टेस्ट ट्यूब नहीं बनेगी माँ की कोख ,न धाय माँ ,सिर्फ माँ ,माम और माँ....
    कृपया यहाँ भी पधारें -
    साधन भी प्रस्तुत कर रहा है बाज़ार जीरो साइज़ हो जाने के .
    गत साठ सालों में छ: इंच बढ़ गया है महिलाओं का कटि प्रदेश (waistline),कमर का घेरा
    http://veerubhai1947.blogspot.in/

    लीवर डेमेज की वजह बन रही है पैरासीटामोल (acetaminophen)की ओवर डोज़
    http://kabirakhadabazarmein.blogspot.in/

    http://kabirakhadabazarmein.blogspot.in/

    इस साधारण से उपाय को अपनाइए मोटापा घटाइए

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  29. sahaj bhaav mamyaa ke ...
    bahut sundar..

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  30. बहुत सुन्दर! बच्चे वाकई ईश्वर की सुन्दरतम कृति हैं!

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  31. बच्चे माँ के जीवन को पूर्णता देते हैं !
    कोमल सुखद एहसास !

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  32. मातृत्व पूर्णता का अहसास दिलाती है !
    प्यारी रचना ....चैतन्य को बहुत सारा स्नेह !

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  33. इस पर कोई टिप्पणी भी छोटी और हलकी होगी | माँ-बेटे के प्यार को कब कौन अभिव्यक्त कर पाया है |

    लाजवाब रचना |

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  34. सबल हुआ मातृत्व -चैतन्य को स्नेहाशीष!

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  35. माँ तो माँ ही होती है।

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  36. लौट आयीं हैं मेरे
    जीवन में तितलियाँ
    और भवरों की गुंजन
    फिर चला आया है
    इन्द्रधनुष देखने का हठ

    bahut pyari rachna Monika ji... khas taur par yah panktiyan to bas adbhut hi hain...

    sadar
    manju

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  37. चैतन्य का कोना से यह मातृत्व भरा प्यार संसार में जीने की शुरुवात है ! नए पुष्प हमेशा ही नए संचार करते है ! पुष्प और सुगंध सदैव बना रहे ! बहुत ही आशावान कविता ! आप को बधाई और चैतन्य को आशीर्वाद !

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  38. "माँ" हो जाने से
    चैतन्य............
    मुझे संसार के
    हर बच्चे से
    प्रेम हो गया है...
    सुन्दर पंक्तियाँ.....
    सादर

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  39. बच्चे जीवन में जीने की लालसा जगा देते हैं ... खुशियों का रंग भर देते हैं ...
    बहुत ही सुन्दर रक हना है प्रेम से सरोबर ..

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  40. माटी के रंग
    अपने आँचल में
    जो स्नेह और ममत्व के
    अनगिनत प्रतिमान
    गढ़ते हुए
    मुझे सही अर्थों में
    मानवी बना रहे हैं

    तुम्हारे आ जाने से
    माँ हो जाने से
    चैतन्य

    bahut sundar...

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  41. सौफी सदी सच्ची बात माँ हो जाने के बाद वाकई हर बच्चे से प्रेम हो जाता है।

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  42. बहुत सुन्दर ममतामयी प्रस्तुति. माँ होने का सुख एक माँ ही समझ सकती है .

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  43. तितलियाँ कहीं न जाएँ, यूँ ही तन मन को महकाएं...

    सुन्दर भाव भरी रचना....

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  44. लौट आयीं हैं मेरे
    जीवन में तितलियाँ
    और भवरों की गुंजन
    फिर चला आया है
    इन्द्रधनुष देखने का हठ

    एक शिशु की मां होने के बाद मां के मन-हृदय में होने वाले कोमल परिवर्तन को आपने बहुत अच्छी तरह संजोया है।

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  45. तुम्हारे आ जाने से
    माँ हो जाने से
    चैतन्य
    मुझे संसार के
    हर बच्चे से
    प्रेम हो गया है .....
    ...बस यही है माँ की परिभाषा ...

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  46. तुम्हारे आ जाने से
    माँ हो जाने से
    चैतन्य
    मुझे संसार के
    हर बच्चे से
    प्रेम हो गया है .....
    ...बस यही है माँ की परिभाषा ...

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  47. ये जो बच्चा है जीवन में
    बचाए रखना,कि जीवन रहे!

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  48. वात्सल्य की अद्भुत अभिव्यक्ति...चैतन्य को स्नेहाशीष !!!

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  49. मां की ममता और बच्चों के साथ ज़िन्दगी के कुछ हसीन लमहों को समेटने की चाहत या यूं कहें कि फिर से उसे जीने की तमन्ना इस कविता को एक अलग ऊंचाई पर ला खड़ा करता है।

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  50. वाह...मन प्रसन्न हो गया आपकी प्रस्तुति देखकर...बहुत बहुत बधाई...

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  51. वाह...सुन्दर भावपूर्ण प्रस्तुति...बहुत बहुत बधाई...

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  52. लोरी रोज सुनाने लगती
    ममता भी तुतलाने लगती

    सुंदर भाव.

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  53. मातृत्व की अनुभूति.....


    चैतन्य को प्यार....

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  54. बहुत सुंदर । मेरे पोस्ट पर आपका इंतजार रहेगा । धन्यवाद ।

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  55. Very nice post.....
    Aabhar!
    Mere blog pr padhare.

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  56. मातृ प्रेम की अद्भुत अभिव्यक्ति...शुभकामनायें !

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  57. मातृत्व की गहन अनुभूति को अभिव्यक्त करती रचना. मां की ममतामयी छाँव को प्रणाम.

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  58. अपने आँचल में
    जो स्नेह और ममत्व के
    अनगिनत प्रतिमान
    गढ़ते हुए
    मुझे सही अर्थों में
    मानवी बना रहे हैं

    वाह, भावभीनी ममत्वपूर्ण रचना ।

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  59. ममता की सहज अभिव्यक्ति साकार

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  60. यह दिन सहेज लीजियेगा ....
    शुभकामनायें !

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  61. इसलिए तो माँ सार्वभौमिक हो जाती है...सुन्दर रचना..

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  62. एक तो इतना सुन्दर और प्यारा बच्चा है आपका....उस पर कितना सुन्दर उसका नाम चैतन्य.....इश्वर करे चैतन्य हमेशा यूँ ही फलता और फूलता रहे और आपको भी महकाता रहे.....आमीन ।

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  63. sach me pyara sa khubsurat chaitanya aur uske liye shabd.. sab kuchh behtareen:)

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  64. आपका भी मेरे ब्लॉग मेरा मन आने के लिए बहुत आभार
    आपकी बहुत बेहतरीन व प्रभावपूर्ण रचना...
    आपका मैं फालोवर बन गया हूँ आप भी बने मुझे खुशी होगी,......
    मेरा एक ब्लॉग है

    http://dineshpareek19.blogspot.in/

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  65. स्नेह-नीर से सींच सोचती,पाकर होऊं धन्य
    स्वप्न हुआ साकार अंक में आया जब चैतन्य!

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  66. बहुत ही बेहतरीन और प्रशंसनीय प्रस्तुति....
    आपको हार्दिक शुभकामनायें !

    ReplyDelete
  67. बहुत ही सुन्दर रचना

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  68. संतान की प्राप्ति का सुख माँ के लिए अमूल्य होता है. बहुत सुन्दर रचना. चैतन्य को बहुत आशीष. शुभकामनाएँ.

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  69. ek bachche ki kilkaari se saara ghar bhar jaata hai fir usi ke saath apna bachpan bhi lout aata hai.
    bahut hi sateek aur mamatv pura abhivykti
    poonam

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  70. बेशक माँ होना नारीपन का शिखर है जहां उसके स्व :का लोप हो जाता है .शेष रह जाती है एक जननी .एक माँ .व्यष्टि का समष्टि में विलय शायद यही है .

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  71. माँ होना जीवन की सम्पूर्णता है .कायनात का स्पंदन है . . .कृपया यहाँ भी पधारें -
    ram ram bhai
    शनिवार, 9 जून 2012
    स्ट्रेस से असर ग्रस्त होतें हैं नन्नों के नन्ने विकासमान दिमाग

    http://veerubhai1947.blogspot.in/

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  72. तुम्हारे आ जाने से
    माँ हो जाने से
    चैतन्य
    मुझे संसार के
    हर बच्चे से
    प्रेम हो गया है

    मातृत्व और वात्सल्य सुख सर्वोपरि है.
    सुंदर भावपूर्ण प्रस्तुति.

    बधाई.

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  73. चैतन्य
    तुम्हारा आना
    जीवन में नई चेतना
    ले आया है

    बहूत सुंदर लिखा है

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  74. सुन्दर वात्सल्यमयी प्रस्तुति.
    चैतन्य के आने की आपको अनेकानेक बधाई.
    प्रिय चैतन्य को ढेरों शुभाशीष और शुभकामनाएँ.
    शानदार ममतामयी प्रस्तुति के लिए आभार.

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  75. पंछी बन आकाश में उड़ने लगा है मन ,ऊंचाइयों को छूने लगा है ,
    एक तारल्य से संसिक्त रहती हूँ हर पल ,प्रति -पल
    तुम्हारे आने से काया कल्प हुआ है मेरा ,
    नारी रूप पल्लवन भी .
    शुक्रिया ब्लोगिया दस्तक के लिए ......

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  76. शुक्रिया आपकी ब्लोगिया दस्तक का ..

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  77. चैतन्य को शुभकामनायें एवं आशीर्वाद.

    सुन्दर रचना .

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  78. bahut hi sundar kiha hai ane, shubhkamnayein......

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  79. bahut hi sundar kiha hai ane, shubhkamnayein......

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